राम सेना

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Ram Sena वैश्विक हिन्दू समुदाय

रामसेना Ramsena

माइनॉरिटी मुर्चा

रामसेना का मुख्य उद्देश्य दुनिया के विभिन्न कोनों में फैले हिंदू एवं सनातनी समाज को एक बड़ी सांगठनिक एकता में लाना है। यही उद्देश्य रामसेना की स्थापना का मूल आधार है।

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उद्देश्य Uddessha

लक्ष्य और सदस्यता — दो अलग-अलग विषय

रामसेना मानती है कि किसी संगठन का मुख्य लक्ष्य और संगठन से कौन जुड़ सकता है, ये दो विषय अलग-अलग देखे जाने चाहिए।

रामसेना सनातनी समाज की एकता, अधिकार, संस्कृति और सामाजिक हितों को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। किंतु जो लोग इस उद्देश्य का सम्मान करते हैं और संगठन के सिद्धांतों तथा कार्यों से सहमत हैं, ऐसे अन्य धर्मों के लोग भी रामसेना से जुड़ सकते हैं।

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परिचय Parichay

जुड़ने का अर्थ धार्मिक पहचान बदलना नहीं है

यहाँ एक बात स्पष्ट है कि रामसेना से जुड़ने का अर्थ अपनी धार्मिक पहचान बदलना नहीं है। एक मुसलमान, ईसाई, बौद्ध, सिख या किसी अन्य धर्म का व्यक्ति अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखते हुए रामसेना का सदस्य बनकर कार्य कर सकता है।

क्योंकि रामसेना से जुड़ने का आधार धर्म परिवर्तन नहीं है; यह संगठन के उद्देश्य, सिद्धांतों और सामाजिक दृष्टि के प्रति सहमति है।

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मूल्य Mulya

वे विषय जो लोगों को एक करते हैं

एक व्यक्ति — दूसरे धर्म का अनुयायी होते हुए भी — न्याय, समानता, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और मानवीय गरिमा जैसे विषयों से सहमत हो सकता है। उसी स्थान से वह रामसेना से जुड़ सकता है और संगठन की सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकता है।

  • न्याय
  • समानता
  • धार्मिक स्वतंत्रता
  • सांस्कृतिक अधिकार
  • सामाजिक सुरक्षा
  • मानवीय गरिमा
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केंद्र Kendra

केंद्र सनातनी समाज है, अवसर सभी के लिए

अन्य धर्मों के लोगों की भागीदारी रामसेना के मुख्य उद्देश्य को नहीं बदलती। रामसेना का केंद्र सनातनी समाज है; और उसके साथ कार्य करने का अवसर उन सभी लोगों के लिए है जो संगठन के उद्देश्य और सिद्धांतों के प्रति श्रद्धाशील हैं।

इस प्रकार रामसेना संगठन अपनी सनातनी पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए सहयोग, सहानुभूति और सामाजिक भागीदारी का एक व्यापक परिसर बना सकता है।

रामसेना

सनातनी पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए, सहयोग और सहानुभूति का एक व्यापक परिसर।

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